ग्रामीण भंडारण योजना ( Rural storage scheme)

Gramin Bhandaran Yojana ( Rural storage scheme) : Hello friends आज हम आपको केंद्र सरकार के द्वारा शुरू की गई योजना के बारे में बताने वाले है जिसका नाम  “ग्रामीण भंडारण योजना ” है । योजना की शुरुआत वर्ष 2002 मे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने की गई थी।

इस आर्टिकल में नाबार्ड ग्रामीण भंडारण योजना के बारे में विस्तृत जानकारी जैसे : योजना क्या है ? योजना का लाभ कौन उठा सकता है ? Rural Godowns बनाने के लिए क्या करना होता है ? योजना के लिए सरकार द्वारा कितना लोन और सब्सिडी प्रदान की जाती है इत्यादी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कर सकते है .

क्या है ? Gramin Bhandaran Yojana (GBY)

Gramin Bhandaran Yojana

हमारा भारत देश एक कृषि प्रधान देश है, कृषि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है यह हमारे देश में सिन्धु घाटी सभ्यता के दौर से की जा रही है ।भारत देश में लगभग 47 % भाग पर खेती की जाति है और कुल जनसंख्या में से 70 %  लोग खेती पर निर्भर है जिनमे से कुछ किसान ऐसे भी होते है जो बहुत गरीब होते है और उनके पास इतनी जगह नही होती की वो अपनी उपज को अपने पास रख सके।

इसलिए किसानो की इस जरूरत को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण भंडारण योजना की शुरुआत की गई। इससे यह फायदा होगा की अगर कोई किसान उपज का अनुकूल लाभ प्राप्त करने और फसल को अच्छी कीमत पर बेचने के लिए अपनी फसल को इन गोदामों स्टोर कर सकता है ।

किसान इन ग्रामीण गोदामों में संपर्क कर अपनी फसल भंडारण की क्षमता को बढ़ा सकता है और उपज को उचित समय  (लाभकारी मूल्य ) पर बेच सकते है।

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ग्रामीण भंडारण योजना का उद्देश्य (Objective of rural storage scheme) :

1. कृषि उपज और संसाधित कृषि उत्पादों के भंडारण की किसानो की जरुरतो को पूरा करना ।
2. गाँवो मे वैज्ञानिक भंडारण की क्षमता का निर्माण करना ।
3. मानकीकरण और गुणवत्ता को बढ़ावा देना।
4. भंडारण की व्यवस्था ना होने से किसानो के फसल काटते ही बेचने की मजबूरी को समाप्त करना ।
5. देश में भंडारण की व्यवस्था से किसानो की लागत को कम करना।
6. ग्रामीण भंडारण योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों की फसल को सुरक्षित करना है।

GBY योजना के लाभ :

सरकार द्वारा इस योजना की शुरुआत करने से किसानो को काफी लाभ हुआ है, योजना के शुरुआत से ही कस्बों से लेकर गाँवो में गोदामों का जाल सा फ़ैल गया है।  जिनमे किसान अपनी फसल को रखकर बर्बाद होने से बचा सकते है और बाजारों में उचित दाम आने तक सुरक्षित रख सकते है ।

ग्रामीण वेयर हाउस योजना को कौन शुरु कर सकता है ?

ग्रामीण गोदाम के निर्माण की परियोजना देशभर में किसी भी व्‍यक्ति, किसान, उत्‍पादक समूह, प्रतिष्‍ठान, गैर सरकारी संगठन, स्‍वयं सहायता समूहों ,कम्पनियां, निगम, सहकारी संगठन, परिसंघ और कृषि उपज विपणन समिति द्वारा भी शुरू की जा सकती है।

योजना के अंतर्गत लोन की व्यवस्था :

योजना के माध्यम से सरकार ने Loan की भी व्यवस्था की है ताकि वे उत्पादों के भंडारण के लिए गोदामों का निर्माण करा सके। और मुख्य बात यह है कि सरकार की तरफ से जो लोन मंजूर किया जाता है उस पर सब्सिडी भी दी जाएगी।

गोदाम की स्थापना के लिए लोकेशन, आकार और क्षमता :

1. इस कार्यक्रम के अंतर्गत उदयमी अपने वाणिज्यिक निर्णय के अनुसार किसी भी स्‍थान पर गोदाम का निर्माण कर सकता है |
2. गोदाम का स्थान नगर निगम ( म्युनिसिपल) की सीमाओं से बाहर होना चाहिए |
3. व्यक्ति अपने खुद की जमीन पर भी गोदाम का निर्माण कर सकता है |

गोदाम का आकर/क्षमता कैसा होना चाहिए ?

वैसे तो इसका आकर उदयमी निश्चित कर सकता है लेकिन सब्सिडी प्राप्‍त करने के लिए गोदाम की क्षमता न्यूनतम 100 टन से लेकर 30 हजार टन तक होनी चाहिए। 50 टन क्षमता तक के ग्रामीण गोदाम भी इस कार्यक्रम के अंतर्गत सब्सिडी का लाभ उठा सकते है |

  • गोदाम की न्यूनतम क्षमता : 50 मेट्रिक टन
  • अधिकतम क्षमता : 10,000 मेट्रिक टन
  • ऊंचाई : 15 से 20 फुट होनी चाहिए
  • गोदाम को क्षमता : 1 घन मीटर क्षेत्र 0-4 मेट्रिक टन की गणना का पैमाना

वैज्ञानिक भंडारण के लिए शर्तें :

1. पक्षियों से सुरक्षा जाली वाली खिड़कियां होनी चाहिए
2. सुगम पक्की सड़के / पक्की आंतरिक सड़के
3. जल निकालने की समुचित व्यवस्था
4. अग्नि शामक यंत्र
5. सामान रखने/ उतारने की उचित व्यवस्था
6. कीटाणुओं से सुरक्षा की व्यवस्था
7.CPWD/SPWD(केंद्रीय लोक निर्माण विभाग ) के निर्देशाशानुसार गोदाम का निर्माण हुआ होना चाहिए
8. प्रभावी धूम्रीकरण फयूमीगेशन के लिए दरवाजे/खिड़कियां की वायु अवरोधकता की व्यवस्था

NABARD Rural Godowns Loan Scheme :

1. इस योजना के अंतर्गत जो भी किसानों को गोदामों में अपनी फसल पर फसल गिरवी रख कर वायदा Loan प्राप्त करने के पात्र समझा जाएगा |
2. वायदा ऋणों के नियम और शर्तो के अनुसार ब्याज दर गिरवी रखने का समय , राशि का मूल्य निर्धारण NABARD के माध्यम से जारी
निर्देश और वित्तीय संस्थानों द्वारा जो अपनाई जाने वाली सामान्य Banking पद्धतिओं के अनुसार किया जाएगा |
3. योजना के अंतर्गत Subsidy, Loan से सम्बंधित होगी तथा इसे सिर्फ परियोजना (Projects) के लिए दी जाएगी
4. वाणिज्यिक बैंक, ग्रामीण बैंक, राज्य सहकारी बैंकों , राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास योजना (Rural Development Scheme)
कृषि वित्त निगमों शहरी सहकारी बैंकों इत्यादि वित्त पोषित की गई हो |
5. योजना के अंतर्गत ऋण वापस करने का समय 11 वर्ष है |

योजना के अंतर्गत दी जाने वाली सब्सिडी :

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के तहत किसानो को सब्सिडी भी दी जाएगी तथा योजना के तहत अनुसूचित जाति/जनजाति
उद्यमियो और इन समुदायों से सम्बन्धित सरकारी संगठनों तथा पूर्वोत्तर राज्यों, पर्वतीय क्षेत्रों में निर्माण के लिए पूंजी लागत की एक तिहाई रकम सब्सिडी के रूप में दी जाएगी।

किसानों को सभी श्रेणियों, कृषि स्‍नातकों तथा सहकारी संगठनों से सम्‍बद्ध सम्पूर्ण परियोजना की पूंजी लागत पूंजी का 25% Subsidy के रूप में दी जाएगी जिसकी अधिकतम सीमा 2.25 करोड़ रुपये होगी।

अन्य सभी श्रेणियों के लोगो, कंपनियों और निगमों आदि को प्रोजेक्ट की रकम से 15% सब्सिडी दी जाएगी जिसकी अधिकतम सीमा 1.35 करोड़ रुपये होगी |

इसके अलावा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (National Cooperative Development Corporation) की मदद से की जा रही गोदामों की मरम्मत की लागत की 25 प्रतिशत सब्सिडी दी जाएगी |

नाबार्ड ग्रामीण भंडारण योजना ( Rural storage scheme) से सम्बन्धित अधिक जानकारी के लिए आप nabard.org पर जाकर देख सकते है .

Rural storage scheme Contact Details :

Directorate of Marketing & Inspection
National Bank for Agriculture & Rural Development (NABARD)
National Cooperative Development Corporation (NCDC)

Gramin Bhandaran Yojana: इस योजना से सम्बन्धित किसी भी  प्रकार की अन्य जानकारी के लिए आप हमें कमेंट बॉक्स में लिख कर सहायता प्राप्त कर सकते है . और यह जानकारी आपको कैसी लगी वो भी अवश्य बतलाये . ऐसी ही देश में चल रही सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए आप हमारी इस सरकारी योजना इनफार्मेशन पोर्टल को फॉलो करे .धन्यवाद

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